घाटशिला।
झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने सोमवार को घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के मुसाबनी में आयोजित एक विशाल जनसभा में विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि घाटशिला उपचुनाव में जनता को उन नेताओं से सावधान रहना चाहिए जो केवल अपने स्वार्थ के लिए वोट मांगने आते हैं।
घाटशिला के मुसाबनी में आज अपने लोगों के बीच…
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मुख्यमंत्री का सीधा इशारा पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की ओर था, जिन्होंने पिछले वर्ष अगस्त में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया था।
हेमंत सोरेन ने अपने अधिकांश भाषण में संथाली भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा, “कुछ लोग जो पहले हमारे साथ थे, अब अपने स्वार्थ के लिए जनता के बीच वोट मांग रहे हैं। लेकिन यह उपचुनाव आदिवासियों, मूलवासियों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है, न कि किसी स्वार्थी व्यक्ति के लिए।”
घाटशिला में 11 नवंबर को उपचुनाव को लेकर आज मुसाबनी में लोगों के बीच शामिल हुआ। घाटशिला के हर घर-परिवार और क्षेत्र के विकास, यहां बंद पड़ी माइनस को खोलने के लिए प्रयासरत रहे स्व रामदास दा के निधन के बाद हमारे सामने यह उपचुनाव आया है। स्व रामदास दा के बड़े बेटे सोमेश चंद्र सोरेन… pic.twitter.com/bp2fQfFcKW
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गौरतलब है कि झामुमो विधायक और राज्य के शिक्षा मंत्री रहे रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला विधानसभा उपचुनाव की घोषणा की गई थी। इस सीट पर झामुमो ने उनके पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को प्रत्याशी बनाया है। बाबूलाल सोरेन 2024 के विधानसभा चुनाव में रामदास सोरेन से करीब 22 हजार मतों से हार गए थे।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे करेंगे, लेकिन विकास और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने की क्षमता सिर्फ झामुमो सरकार में है।
आज यहां चुनावी सभा है पर बहुत कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। आप सभी को पता है कि झामुमो का कर्तव्य और हम लोगों का दायित्व क्या है। यह व्यापारियों की पार्टी नहीं है। यह व्यापारियों की जमात नहीं है। यह आदिवासी, दलित, पिछड़ा, गरीब, गुरबा, यहां के मूलवासियों की पार्टी है। एक तरफ… pic.twitter.com/eql4vlOJTy
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उन्होंने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JDKM) पर भी परोक्ष हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि सोमेश चंद्र सोरेन को मंत्री क्यों नहीं बनाया गया। इस पर हेमंत सोरेन ने कहा, “मुझे पता है कि कब किसे जिम्मेदारी देनी है। सोमेश एक कुशल नेता हैं और उन्हें हम अगली पीढ़ी का सशक्त नेता बनाने के लिए तैयार कर रहे हैं।”
आप देखेंगे आपके पास बहुत सारे लोग वोट मांगने आएंगे। उन लोगों का प्रचार गाड़ी भी घूमेगी। कुछ लोग अपना व्यक्तिगत स्वार्थ साधने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। चुनाव व्यक्तिगत स्वार्थ साधने के लिए नहीं है।
अपना हक-अधिकार प्राप्त करने और दिलाने के लिए चुनाव होता है। आज हक-अधिकार इस राज्य… pic.twitter.com/PilLY41dh2— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) November 3, 2025
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से झामुमो प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की और कहा कि झारखंड की अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए झामुमो का मजबूत रहना जरूरी है।
झारखण्ड की जनता का यही प्यार और आशीर्वाद मेरी ताकत है।
जय झारखण्ड! pic.twitter.com/nkVkxR8KNL
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