जमशेदपुर।
स्वर्गीय सोना देवी की पुण्य स्मृति में सोना देवी मेमोरियल एजुकेशनल फाउंडेशन ट्रस्ट के संयोजन में 803वें नेत्र शिविर का शुभारंभ शुक्रवार को किया गया। यह शिविर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, पूर्वी सिंहभूम, राम मनोहर लोहिया नेत्रालय, द्रोपदी देवी चिमनलाल भालोटिया फैमिली ट्रस्ट, राजस्थान सेवा सदन एवं जिला ग्रामीण स्वास्थ्य समिति के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।नेत्र शिविर का आयोजन 24 से 26 जनवरी तक बागबेड़ा थाना चौक स्थित राम मनोहर लोहिया नेत्रालय परिसर में किया जा रहा है।



पहले दिन 120 नेत्र रोगियों की हुई जांच
शिविर के पहले दिन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बी. पी. सिंह एवं डॉ. विनायक द्वारा कुल 120 नेत्र रोगियों की आंखों की जांच की गई। जांच के दौरान 40 हाइपर मैच्योर मोतियाबिंद से पीड़ित रोगियों की पहचान की गई, जिन्हें ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण के लिए चयनित किया गया है। शिविर में पहुंचे मरीजों को निःशुल्क परामर्श एवं आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
25 जनवरी को होगा ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण
रेड क्रॉस सोसाइटी, पूर्वी सिंहभूम के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने बताया कि चयनित नेत्र रोगियों का ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण रविवार 25 जनवरी को किया जाएगा। यह सभी सर्जरी राम मनोहर लोहिया नेत्रालय के नवनिर्मित ऑपरेशन थिएटर में होंगी।
ऑपरेशन टीम में डॉ. बी. पी. सिंह, डॉ. भारती शर्मा, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. विवेक केडिया एवं डॉ. मलय द्विवेदी सहित सहयोगी चिकित्सकीय स्टाफ शामिल रहेगा।
READ MORE :Jamshedpur News :झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, अपहरण बन रहा उद्योग: आदित्य साहू
शिविर शुभारंभ पर गणमान्य रहे उपस्थित
नेत्र शिविर के शुभारंभ अवसर पर शिविर संयोजक एवं सोना देवी मेमोरियल एजुकेशनल फाउंडेशन ट्रस्ट के चेयरमैन तथा सोना देवी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रभाकर सिंह, मटुकधारी लाल कृष्ण मुरारी चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन कृष्ण मुरारी गुप्ता तथा समाजसेवी गणेश राव मुख्य रूप से उपस्थित थे।
कार्यकर्ताओं के सहयोग से सफल हुआ जांच सत्र
जांच सत्र को सफल बनाने में राकेश मिश्र, अशोक कुमार घोषाल, अशोक कुमार सिंह, आशीष सिंह, राधेश्याम कुमार, प्रकाशभानु महतो एवं श्याम कुमार सहित अन्य कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने बताया कि शिविर का उद्देश्य ग्रामीण एवं जरूरतमंद नेत्र रोगियों को बेहतर और सुलभ नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इस प्रकार के शिविर आगे भी जारी रहेंगे।






