जमशेदपुर।



पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर पकड़ बनाने के उद्देश्य से देश के विभिन्न राज्यों से अनुभवी नेताओं को चुनावी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। इसी क्रम में झारखंड से भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को पश्चिम बंगाल में लोकसभा और विधानसभा स्तर पर तैनात किया गया है।
दिनेश कुमार को फिर मिली इंदस विधानसभा की कमान
भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार को एक बार फिर पश्चिम बंगाल की इंदस विधानसभा का प्रवासी प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके लिए उन्हें भाजपा पश्चिम बंगाल की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए कोलकाता बुलाया गया था, जहां चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे पर विस्तार से चर्चा हुई।
2021 चुनाव में दिखाई थी सांगठनिक क्षमता
गौरतलब है कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में दिनेश कुमार ने अपनी मजबूत सांगठनिक क्षमता का परिचय दिया था। उस समय इंदस विधानसभा क्षेत्र, जो लंबे समय तक कम्युनिस्ट और तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, वहां भाजपा को पहली बार ऐतिहासिक सफलता दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही।
उनके कुशल प्रबंधन और स्थानीय कार्यकर्ताओं के सहयोग से भाजपा प्रत्याशी निर्मल कुमार धारा ने 7220 मतों से जीत दर्ज की थी। खास बात यह है कि निर्मल धारा आज भी गूगल सर्च में भारत के सबसे गरीब विधायकों में गिने जाते हैं, जो उनकी सादगी और ईमानदार छवि को दर्शाता है।
कार्यकर्ताओं की मांग पर दोबारा जिम्मेदारी
पिछले चुनाव में अपनाई गई कार्यप्रणाली और इंदस क्षेत्र के स्थानीय कार्यकर्ताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने दिनेश कुमार को पुनः इस महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह और संगठन में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।
“इस बार बंगाल में खिलेगा कमल”
बंगाल से लौटने के बाद दिनेश कुमार ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल की धरती पर माहौल बदला हुआ है। कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा है और जनता बदलाव के मूड में दिखाई दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा मजबूती के साथ उभरेगी और राज्य में कमल खिलाएगी।
जमशेदपुर के अन्य नेताओं को भी मिली जिम्मेदारी
इस अहम बैठक में जमशेदपुर महानगर से दिनेशानंद गोस्वामी, प्रदेश मंत्री नंदजी प्रसाद और पूर्व जिला महामंत्री राम सिंह मुंडा ने भी भाग लिया। पार्टी नेतृत्व ने सभी नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिससे साफ है कि भाजपा बंगाल चुनाव को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।





