जमशेदपुर।
शैक्षणिक पाठ्यक्रम को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ने के उद्देश्य से सेंट्रल करीमिया (+2) हाई स्कूल के भूगोल एवं अर्थशास्त्र विषय के 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं ने डारी साई एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर एवं कृषि विज्ञान केंद्र का शैक्षणिक दौरा किया। यह केंद्र कृषि विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध संस्थान के रूप में जाना जाता है।



सुरक्षित खेती और फसल संरक्षण की जानकारी
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। यहां उन्हें सुरक्षित फार्मिंग पद्धतियों, कीट-पतंगों से फसलों की सुरक्षा तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि किस प्रकार जैविक और वैज्ञानिक तरीकों से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
नई फसलों और मौसम पूर्वानुमान पर चर्चा
विद्यार्थियों को नई-नई फसलों के विकास, अनुसंधान प्रक्रिया और उनके व्यावसायिक उपयोग की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही मौसम पूर्वानुमान की भूमिका, वर्षा, तापमान और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर भी चर्चा की गई, जिससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि मौसम कृषि उत्पादन को किस प्रकार प्रभावित करता है।
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वैज्ञानिकों ने किया मार्गदर्शन
केंद्र के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. नज़रुल इस्लाम ने विद्यार्थियों के दल का स्वागत किया। इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. देवाशीष महतो, डॉ. एस. एस. कुमार तथा डॉ. डी. रजक ने विद्यार्थियों को केंद्र का भ्रमण कराया और अपने-अपने विषयों पर उपयोगी जानकारी साझा की। वैज्ञानिकों ने छात्रों के प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।
शिक्षकों की रही सक्रिय सहभागिता
विद्यार्थियों के इस शैक्षणिक भ्रमण में स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. वहीदा तबस्सुम, इंचार्ज डॉ. आले अली, आर्ट्स इंचार्ज डॉ. नुजहत निसार, नायला मैडम, जीनत मैडम, तलत बेगम, नसरीन अख्तर, फौजिया खान, जोहरा जबीन, साजिद परवेज, शाहज़ेब एवं नसीम सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
व्यावहारिक ज्ञान से बढ़ा छात्रों का उत्साह
विद्यार्थियों ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक दौरों से उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक समझ भी मिलती है, जो भविष्य में उच्च शिक्षा और करियर के लिए उपयोगी साबित होगी। स्कूल प्रशासन ने ऐसे शैक्षणिक भ्रमणों को छात्रों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।






