जमशेदपुर/राजगीर: जमशेदपुर के बागबेड़ा निवासी और मिथिला सांस्कृतिक परिषद् के आजीवन सदस्य (L-599) दिवाकांत लाल दास की सुपुत्री कुमारी अभिलाषा ने अपनी शानदार शैक्षणिक उपलब्धि से पूरे शहर, राज्य और मिथिला समाज का नाम रोशन किया है। पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च स्तर पर सम्मानित किया गया है।
दिनांक 31 मार्च 2026 को विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने कुमारी अभिलाषा को उनकी इस विशेष उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। इस गौरवमयी पल के दौरान देश के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय की रही हैं टॉप रैंकर
कुमारी अभिलाषा शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, राजगीर से इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंट साइंस (Ecology & Environment Science) में स्नातकोत्तर (M.Sc) की पढ़ाई की है। शैक्षणिक सत्र 2019-2021 में उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर विश्वविद्यालय में टॉप रैंकर (Top Ranker) होने का गौरव प्राप्त किया था। उनकी इसी शैक्षणिक उत्कृष्टता को सराहते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया है।
वर्तमान में बिहार स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में दे रही हैं सेवाएं
अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद कुमारी अभिलाषा वर्तमान में बिहार स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (Bihar State Pollution Control Board) में JLA (Junior Laboratory Assistant / Junior Lab Analyst) के पद पर कार्यरत हैं। पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में वे अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रही हैं।
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मिथिला समाज और शहर में हर्ष का माहौल
एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने तक का कुमारी अभिलाषा का यह सफर युवाओं और विशेषकर बेटियों के लिए बेहद प्रेरणादायक है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनके पिता श्री दिवाकांत लाल दास सहित पूरे परिवार में खुशी की लहर है। साथ ही, मिथिला सांस्कृतिक परिषद् और जमशेदपुर के नागरिकों ने भी बिटिया की इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।





