जमशेदपुर।
मानगो के गोकुल नगर निवासी जीत महतो की मौत को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में आक्रोश तेज होता जा रहा है। इस मामले में बिद्युत बरण महतो ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जीत महतो की मृत्यु स्वाभाविक नहीं, बल्कि पुलिस प्रताड़ना के कारण हिरासत में की गई हत्या है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को झकझोर देने वाला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
READ MORE :Jamshedpur News :एक्सएलआरआइ में होगा तीसरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, हिस्सा लेंगे इंडस्ट्री के दिग्गज
परिजनों से मिले सांसद
घटना की जानकारी मिलते ही सांसद बिद्युत बरण महतो शुक्रवार की शाम गोकुल नगर पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मृतक की मां पूजा महतो ने जिस तरह अपने बेटे के साथ हुई घटना का विवरण दिया, उसे सुनकर सांसद भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि मां की बातें दिल दहला देने वाली हैं और इस मामले में कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
गिरफ्तारी और पोस्टमार्टम पर सवाल
सांसद ने कहा कि जिस तरीके से जीत महतो की गिरफ्तारी की गई, वह अपने आप में संदेहास्पद है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक छोटे मोबाइल चोरी के संदेह में जबरन पुलिस ने जीत महतो को हिरासत में लिया और कथित रूप से प्रताड़ित किया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
उन्होंने यह भी कहा कि मृत्यु के बाद पुलिस द्वारा आनन-फानन में पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कराना भी कई सवालों को जन्म देता है।
दो लाख रुपये की राशि पर उठे सवाल
सांसद महतो ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की राशि दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह राशि कहां से आई, किस मद से दी गई और किसके आदेश पर इसका भुगतान हुआ। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि क्या झारखंड में एक युवा झारखंडी की जान की कीमत सिर्फ दो लाख रुपये है?
पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
सांसद ने आरोप लगाया कि जिस थाना प्रभारी के अंतर्गत यह घटना हुई, उनका पूर्व इतिहास भी विवादों से जुड़ा रहा है, जिसमें भारतीय सेना के जवान के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला शामिल बताया जा रहा है। उन्होंने झारखंड के पुलिस महानिदेशक से मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए, सभी संबंधित कर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।
पीड़ित परिवार को मुआवजा और चेतावनी
सांसद बिद्युत बरण महतो ने कहा कि जीत महतो अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। सरकार को चाहिए कि पीड़ित परिवार को समुचित मुआवजा दे, ताकि परिवार और नवजात शिशु का भरण-पोषण हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन किया जाएगा और पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा।
इस मौके पर विनोद राय, रविंद्र सिंह शिशोदिया, सुशील पांडे, अनिमेष सिंहा, मुन्ना मिश्रा, राकेश प्रसाद, महेश सिंह, सुमन श्रीवास्तव और नवनीत तिवारी भी मौजूद थे।

