
जमशेदपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी और मंत्रिमंडल के सदस्यों द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। समाजवादी चिंतक और शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने अभियान के तहत शाम को दीपक जलाने की अपील पर कड़ा कटाक्ष किया है। उन्होंने इसे पूरी तरह से एक ‘ढकोसला’ करार देते हुए कहा कि सरकार इसके जरिए केवल जनता और अपने अंधभक्तों की परीक्षा ले रही है।
बाढ़, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश
सुधीर कुमार पप्पू ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान में देश बेरोजगारी, बेतहाशा महंगाई, जातीय व धार्मिक नफरत और शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था के चौपट होने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।उन्होंने कहा कि बिहार और असम जैसे राज्यों के लोग भीषण बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं, लेकिन दीप जलाने का आह्वान करने वाले नेताओं ने इन बाढ़ पीड़ितों के प्रति एक शब्द बोलना भी उचित नहीं समझा।उन्होंने आरोप लगाया कि नेता केवल दीप की रोशनी में अपना चेहरा चमकाना चाहते हैं, जबकि आम जनता बुनियादी सुविधाओं और राहत के लिए तरस रही है।
“जनता का ध्यान भटकाने के लिए रचा जा रहा ड्रामा”
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि मोदी सरकार यह देखना चाहती है कि देश में उसके अंधभक्तों की संख्या कितनी बची है।उन्होंने कोरोना काल की घटनाओं की याद दिलाते हुए कहा कि इससे पहले भी कोरोना महामारी के दौरान थाली बजवाने और दीपक जलवाने जैसा काम किया गया था, जिसका कोई तार्किक परिणाम नहीं निकला।उनके अनुसार, आज पूरे देश में असंतोष का माहौल है और सरकार पतन की ओर अग्रसर है।सेवा संकल्प अभियान’ को एक ड्रामा बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सब जनता का ध्यान असली और जनहित के मुद्दों से भटकाने के लिए किया जा रहा है।

