जमशेदपुर । ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. जगदीश लोहिया ने लोगों को आगाह किया है कि दो हफ्तों से अधिक समय तक रहने वाली खांसी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह सामान्य सर्दी-खांसी नहीं, बल्कि तपेदिक (टीबी) का शुरुआती संकेत भी हो सकती है।
READ MORE :Jamshedpur News :सिदगोड़ा सूर्य मंदिर में चैती छठ की भव्य तैयारी, व्रतधारियों के लिए विशेष सुविधा
कैसे फैलती है टीबी
तपेदिक एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने से हवा के जरिए फैलती है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक खांसी बनी रहती है, तो उसे तुरंत जांच करानी चाहिए।
नजरअंदाज न करें ये लक्षण
लगातार खांसी के अलावा टीबी के कई अन्य संकेत भी हो सकते हैं, जैसे:
- शाम के समय हल्का बुखार
- बिना कारण वजन कम होना
- अत्यधिक थकान
- भूख में कमी
- रात में पसीना आना
ये लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है।
READ MORE :Indian Railways updates :बिहार स्पेशल ट्रेनों की अवधि बढ़ी: बरौनी, दरभंगा और पटना-हावड़ा रूट पर अतिरिक्त सेवाएं जारी
समय पर जांच है जरूरी
टीबी की पहचान अब आसान हो गई है। इसके लिए बलगम जांच, छाती का एक्स-रे और मॉलेक्यूलर टेस्ट जैसी आधुनिक जांचें उपलब्ध हैं। समय पर जांच कराने से न केवल मरीज का सही इलाज संभव है, बल्कि संक्रमण को फैलने से भी रोका जा सकता है।
पूरी तरह संभव है इलाज
अच्छी बात यह है कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है। यदि मरीज डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवाइयों का पूरा कोर्स लेता है, तो वह पूरी तरह ठीक हो सकता है।
अधूरा इलाज बन सकता है खतरा
डॉक्टरों के अनुसार, कई लोग दवा बीच में ही छोड़ देते हैं, जिससे बीमारी दोबारा गंभीर रूप ले सकती है। इससे ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी का खतरा बढ़ जाता है, जिसका इलाज ज्यादा कठिन और लंबा होता है।
जागरूकता ही बचाव
टीबी जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को दो हफ्तों से अधिक समय तक खांसी, बुखार या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। समय पर उठाया गया कदम न केवल आपकी, बल्कि आपके परिवार की भी सुरक्षा कर सकता है।



