हाजीपुर: ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर उनके सुविधाजनक आवागमन हेतु राजेन्द्रनगर, दानापुर, गया एवं सहरसा…
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जमशेदपुर. जमशेदपुर शहर की धड़कन ट्रेन संख्या- 12813/12814 टाटा –हावड़ा –टाटा स्टील एक्सप्रेस आज 55 साल की हो गई. इस…
USBRL परियोजना के पश्चात अब कई सालों का इंतजार खत्म हो जाएगा। जम्मू से श्रीनगर के बीच वंदे भारत चलने…
धनबाद: पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 200 मिलियन टन माल लदान का लक्ष्य हासिल किया गया | इस माल लदान के…
भारतीय रेलवे द्वारा माल और यात्री संचालन से उत्पन्न राजस्व पिछले पाँच वर्षों में निम्नलिखित रहा है: वित्तीय वर्ष राजस्व (₹ करोड़ में) मालभाड़ा 2019-20 1,13,488 2020-21* 1,17,232 2021-22* 1,41,096 2022-23 1,62,263 2023-24 1,68,293 *COVID वर्ष भारतीय रेलवे द्वारा 2019-20 से 2023-24 तक फ्लेक्सी फेयर, तत्काल और प्रीमियम तत्काल से अर्जित राजस्व लगभग 5.7% है जो यात्री सेवाओं से कुल प्राप्त राजस्व का हिस्सा है। टिकटों के रद्द होने पर जो राशि अर्जित होती है, वह अलग से दर्ज नहीं की जाती है। 01.04.24 तक, भारतीय रेलवे में लगभग 79,000 कोच चलाए जा रहे हैं। इसके विवरण निम्नलिखित हैं: कक्षा कोचों की संख्या सीटों की संख्या…
रेल खबर। 31.03.2024 तक, भारतीय रेलवे के पास लगभग 4.90 लाख हेक्टेयर भूमि है, जिसमें से 8812 हेक्टेयर भूमि विभिन्न उद्देश्यों के लिए पट्टे पर दी गई है। इसमें यात्री सुविधाओं, मालवाहन सुविधाओं, व्यावसायिक विकास आदि के लिए पट्टे पर दी गई रेलवे भूमि शामिल है। क्षेत्रवार कुल रेलवे भूमि और पट्टे पर दी गई भूमि का विवरण निम्नलिखित है: (संख्याएँ हेक्टेयर में) क्षेत्रीय रेलवे कुल रेलवे भूमि पट्टे पर दी गई कुल भूमि केंद्रीय 31,476 168 पूर्वी 21,082 469 पूर्व मध्य 33,644 2,437 पूर्व तट 23,010 273 उत्तरी…
रेल खबर। आगामी दस अप्रैल से टाटानगर से प्रस्थान करने वाली कई ट्रेनों के समय में आंशिक परिवर्तन किया…
हाजीपुर: ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर उनकी सुगम आवागमन हेतु रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनों…
बिलासपुर – दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 8वीं एलीट बॉक्सिंग राष्ट्रीय चैंपियनशिप, नोएडा में भारतीय रेलवे की…
वीर बिरसा मुंडा की पावन धरती झारखंड की अपनी विशिष्ट पहचान है। क्रांतिकारी आंदोलन और खनिज संपदा के लिए विख्यात इस प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों से रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार की नई कहानी लिखी जा रही है। बीते दशक में राज्य ने रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति की है। नई रेलवे लाइनों का निर्माण, डबलिंग, विद्युतीकरण, आधुनिक स्टेशन और वंदे भारत जैसी सेमी हाई-स्पीड ट्रेनों की शुरुआत का विकास इन सभी परियोजनाओं ने झारखंड को रेलवे कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश करा दिया है। वंदे भारत का झारखंड में ऐतिहासिक प्रवेश बीते दशक में झारखंड ने औद्योगिक, सांस्कृतिक और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में अनगिनत उपलब्धियाँ हासिल की हैं। अब वंदे भारत एक्सप्रेस इस गौरवशाली सफर को और आगे ले जा रही है। 27 जून 2023 को झारखंड की धरती पर एक नया इतिहास रचा गया, जब पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि झारखंड की प्रगति, तकनीकी नवाचार और तेजी से बढ़ते रेल नेटवर्क का प्रतीक बनी। आज झारखंड में 12 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जो 14 जिलों को जोड़ते हुए 22 स्टॉपेज तक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रही हैं। वंदे भारत: झारखंड के विकास में एक नई क्रांति सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस झारखंड की रेलवे कनेक्टिविटी को आधुनिकता और सुविधा का नया स्तर प्रदान कर रही है। तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव के साथ यह ट्रेन राज्य के विभिन्न जिलों को एक मजबूत और तेज़ रेल नेटवर्क से जोड़ रही है। इससे व्यापार, पर्यटन और उद्योगों को भी नया प्रोत्साहन मिल रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस का झारखंड में आगमन केवल रेल यात्रा में बदलाव नहीं, बल्कि राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ट्रेन न केवल झारखंड को देश के अन्य हिस्सों से तेजी से जोड़ रही है, बल्कि राज्य के लोगों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी मदद कर रही है।झारखंड अब केवल खनिजों और संसाधनों का प्रदेश नहीं, बल्कि तकनीकी नवाचार और विकास की मिसाल भी बन रहा है। झारखंड में वंदे भारत के दौड़ते पहिए के साथ प्रगति की बात हो रही है। राज्य सरकार से पर्याप्त सहयोग न मिलने के बावजूद केंद्र सरकार ने झारखंड की रेल परियोजनाओं के लिए 7,306 करोड़ की राशि वित्त वर्ष 2025-26 में उपबल्ध करायी है, जो उस बात का परिचायक है कि भारत सरकार सभी प्रदेशों साथ समभाव रखती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का सबका साथ, सबका विश्वास, सबका प्रयास, सबका विश्वास का मूल मंत्रा समाज और राष्ट्र के निर्माण में मील का पत्थर साबित हुआ है। हम विकास पथ के राही, हम अनंत तक जायेंगे हम सपनों के झारखंड को, मंज़िल तक पहुँचायेंगे।
