रेल खबर। आगामी दस अप्रैल से टाटानगर से प्रस्थान करने वाली कई ट्रेनों के समय में आंशिक परिवर्तन किया…
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हाजीपुर: ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर उनकी सुगम आवागमन हेतु रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनों…
बिलासपुर – दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 8वीं एलीट बॉक्सिंग राष्ट्रीय चैंपियनशिप, नोएडा में भारतीय रेलवे की…
वीर बिरसा मुंडा की पावन धरती झारखंड की अपनी विशिष्ट पहचान है। क्रांतिकारी आंदोलन और खनिज संपदा के लिए विख्यात इस प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों से रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार की नई कहानी लिखी जा रही है। बीते दशक में राज्य ने रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति की है। नई रेलवे लाइनों का निर्माण, डबलिंग, विद्युतीकरण, आधुनिक स्टेशन और वंदे भारत जैसी सेमी हाई-स्पीड ट्रेनों की शुरुआत का विकास इन सभी परियोजनाओं ने झारखंड को रेलवे कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश करा दिया है। वंदे भारत का झारखंड में ऐतिहासिक प्रवेश बीते दशक में झारखंड ने औद्योगिक, सांस्कृतिक और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में अनगिनत उपलब्धियाँ हासिल की हैं। अब वंदे भारत एक्सप्रेस इस गौरवशाली सफर को और आगे ले जा रही है। 27 जून 2023 को झारखंड की धरती पर एक नया इतिहास रचा गया, जब पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि झारखंड की प्रगति, तकनीकी नवाचार और तेजी से बढ़ते रेल नेटवर्क का प्रतीक बनी। आज झारखंड में 12 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जो 14 जिलों को जोड़ते हुए 22 स्टॉपेज तक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रही हैं। वंदे भारत: झारखंड के विकास में एक नई क्रांति सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस झारखंड की रेलवे कनेक्टिविटी को आधुनिकता और सुविधा का नया स्तर प्रदान कर रही है। तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव के साथ यह ट्रेन राज्य के विभिन्न जिलों को एक मजबूत और तेज़ रेल नेटवर्क से जोड़ रही है। इससे व्यापार, पर्यटन और उद्योगों को भी नया प्रोत्साहन मिल रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस का झारखंड में आगमन केवल रेल यात्रा में बदलाव नहीं, बल्कि राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ट्रेन न केवल झारखंड को देश के अन्य हिस्सों से तेजी से जोड़ रही है, बल्कि राज्य के लोगों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी मदद कर रही है।झारखंड अब केवल खनिजों और संसाधनों का प्रदेश नहीं, बल्कि तकनीकी नवाचार और विकास की मिसाल भी बन रहा है। झारखंड में वंदे भारत के दौड़ते पहिए के साथ प्रगति की बात हो रही है। राज्य सरकार से पर्याप्त सहयोग न मिलने के बावजूद केंद्र सरकार ने झारखंड की रेल परियोजनाओं के लिए 7,306 करोड़ की राशि वित्त वर्ष 2025-26 में उपबल्ध करायी है, जो उस बात का परिचायक है कि भारत सरकार सभी प्रदेशों साथ समभाव रखती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का सबका साथ, सबका विश्वास, सबका प्रयास, सबका विश्वास का मूल मंत्रा समाज और राष्ट्र के निर्माण में मील का पत्थर साबित हुआ है। हम विकास पथ के राही, हम अनंत तक जायेंगे हम सपनों के झारखंड को, मंज़िल तक पहुँचायेंगे।
जमशेदपुर। टाटानगर के रेल यात्रियों को परेशानी कम होते नजर नही है। एक ओर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर डिवीजन में काम…
रेल खबर अनारक्षित टिकटिंग की प्रक्रिया को यात्रियों के सुविधा अनुकूल बनाने, यात्रियों को चिल्हर…
बिलासपुर:- अधोसंरचना विकास हेतु उत्तर पूर्व रेलवे गोरखपुर के लखनऊ रेल मंडल के अंतर्गत गोरखपुर स्टेशन – गोरखपुर केंट के…
हाजीपुर- आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण के क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मण्डल के गोरखपुर-गोण्डा रेल खण्ड पर स्थित बस्ती-गोविन्दनगर…
हाजीपुर: यात्रियों की अत्याधिक भीड़ के मद्देनजर रेलवे द्वारा 05 वन-वे अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जायेगा जिनका विवरण…
धनबाद : रेल प्रेक्षागृह धनबाद में 69 वाँ रेल सप्ताह समारोह के उपलक्ष्य में रेल सेवा पुरस्कार 2024 का आयोजन…

