सीवान.
होम्योपैथिक चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय योगदान और संगठनात्मक नेतृत्व के लिए सीवान के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. यतीन्द्र नाथ सिन्हा को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित ‘डॉ. पी. बाडगायोंकर हैनिमैन अवॉर्ड’ प्रदान किया गया. यह सम्मान ऑल इंडिया होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (A.H.M.A.I.) के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में दिया गया. यह राष्ट्रीय समारोह 26 से 28 दिसंबर तक पश्चिम बंगाल के न्यू टाउन स्थित विश्व बंगलाभाइ कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ, जिसका उद्घाटन पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य मंत्री चंडीमा भट्टाचार्य ने किया. मुख्य सत्र के दौरान 26 दिसंबर को ए.एच.एम.ए.आई. के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. श्यामल कुमार मुखर्जी, पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामजी सिंह एवं एन.सी.एच. के एम.आर.ए.डी. बोर्ड सदस्य डॉ. आनन्द चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से यह सम्मान प्रदान किया.
50 वर्षों की समर्पित सेवा
समारोह में बताया गया कि डॉ. सिन्हा वर्ष 1975 से संगठन से जुड़े हैं और पिछले पाँच दशकों से चिकित्सा सेवा विस्तार, संगठन की संरचना मज़बूत करने, राष्ट्रीय स्तर पर प्रसार एवं चिकित्सकों के प्रशिक्षण में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है.
संगठन में अहम जिम्मेदारियाँ
सूत्रों के अनुसार डॉ. सिन्हा ने राष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों का दायित्व निभाया है—
* एच.एस.ए.आई. – राष्ट्रीय ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी जनरल
* ए.एच.एम.ए.आई. – राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
* वर्तमान पद – राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पहचान
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डॉ. सिन्हा ने वर्ष 2017 में जर्मनी के लिपज़िग में आयोजित 72वीं इंटरनेशनल होम्योपैथिक कांग्रेस में भारत का प्रतिनिधित्व किया. साथ ही, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और लंदन सहित कई देशों की चिकित्सा यात्राओं में भाग लेकर भारतीय होम्योपैथी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त करने में भूमिका निभाई.
सीवान में खुशी की लहर
राष्ट्रीय सम्मान मिलने से सीवान के चिकित्सा समुदाय में खुशी का माहौल है. स्थानीय चिकित्सकों और सामाजिक समुदाय ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है और कहा है कि इस उपलब्धि से सीवान की चिकित्सा जगत में पहचान और मजबूत हुई है.


