सुपौल–रब्बी महाअभियान सह महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया

सोनू कुमार भगत

छातापुर (सुपौल ) ।

प्रखण्ड कार्यालय परिसर में शुक्रवार को प्रखण्ड रब्बी महाअभियान सह महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसका विधिवत दीप प्रजवलित कर उद्घाटन बीडीओ परवेज आलम ने किया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रखण्ड क्षेत्र के कृषक भाग लेकर कृषि सम्बन्धी गुर सीखे । आत्मा अध्यक्ष शेष नाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि बैज्ञानिक संगीता कुमारी ने कहा की जीरो टिलेज से की गयी खेती से कृषक काफी लाभान्वित होंगे । क्योंकि जीरो टिलेज तकनीक सरल तकनीक है इसके तहत आसानी से कृषक उन्नत खेती कार्य का संपादन कर सकेंगे । उन्होंने  अन्य रब्बी फसलो  के सफल उत्पादन की भी जानकारी लोगो को दिया । वहीं वैज्ञानिक डॉ प्रमोद कुमार चौधरी ने कहा की आगामी गेंहु की तैयारी कृषक जीरो टिलेज के माध्यम से ही करें । क्योंकि जीरो टिलेज पद्धति से की गई गेहू खेती से कृषकअब तक काफी लाभान्वित हुये हैं ! उन्होंने कहा की जीरो टिलेज के तहत कृषक बिना अपनी खेत के जुताई किये हुये ही गेंहु लगाने का कार्य करेंगे ! उन्होंने कहा की जीरो टिलेज में कृषि विभाग के द्वारा बताये गये निर्देशों का सत सत पालन कर कृषकों को अन्य तकनीक द्वारा की गई खेती से कई गुणा अधिक लाभ प्राप्त होंगे ! कर्यक्रम में जदयू नेता उपेंन्द्र प्रसाद सिंह ने जन समस्या से सम्बन्धित समस्या को उठाते हुये कहा की वर्तमान में घटिया किस्म के खाद बीज बाज़ारों में भरे पड़े हैं जिसको लेकर कृषक ठगी का शिकार हो रहें हैं । जिस पर आत्मा अध्यक्ष शेष नाथ सिंह ने कहा की खाद बीज में किसी प्रकार के ठगी से बचने हेतू कृषक सम्बन्धित दुकानदार से प्राप्त किये गये खाद बीज का भौचर अवश्य ले ले ताकि खाद बीज में किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर चिन्हित दुकानदारों की खिलाफ कार्यवाई की जा सके ! कर्यक्रम को पूर्व आत्मा अध्यक्ष  शालीग्राम पाण्डेय, मुखिया प्रमोद यादव, पंकज यादव, जग लाल पासवान, अजित प्रताप सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय सहित प्रखंड कृषि पदाधिकारी नागेन्द्र पुरवे ने भी सम्बोधित करते हुये रबी फसलों के उत्पादन से संबन्धित जानकारी दिया ! इस मोके पर पूर्व प्रमुख धीरेन्द्र यादव, दिनेश कुमार राम,सुरेंद्र नारायण सरदार ,हिरा सिंह ,सोना कुमारी शोभा कुमारी, मनोज कुमार, मिथिलेश कुमार चौधरी आदि सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित थे।

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