मधेपुरा- कृषि युक्त भूमि की जांच की गई

29

संजय कुमार सुमन
मधेपुरा*

बेहतर पैदावार के लिये मिट्टी जाँच की महत्ता को देखते हुए चौसा प्रखंड अंतर्गत मनोहरपुर के दर्जनों किसानों का मिट्टी जाँच कर रिपोर्ट दिया गया। रिपोर्ट के परिणाम बेहद चौकाने वाले हैं,जो किसानों को गंभीर परिणाम की ओर इशारा करता नजर आ रहा है।
आयुष फाउंडेशन एवं नवभारत फर्टिलाइजर लिमिटेड के सहयोग से मनोहरपुर के किसानों का करवाये गये मिट्टी जाँच के नमूने में मृदा का पी.एच.मान के स्तर में भारी कमी पाई गयी है। जानकारी हो कि मृदा में पी. एच मान कम से कम 6.5-7.5 होना चाहिए, जबकि यहाँ पी.एच मान (आयनिक कार्बन) 5से भी कम जाँचकर्ताओं द्वारा सौंपे गये रिपोर्ट में देखने को मिल रहे हैं।

*आयुष फाउंडेशन के अध्यक्ष साकेत रंजन* ने बताया कि कृषि के क्षेत्र में “मृदा परीक्षण” या “भूमि की जाँच”, एक मृदा के किसी नमूने की रासायनिक जाँच है, जिससे भूमि में उपलब्ध पोषक तत्वों की मात्रा के बारे में जानकारी मिलती है। इस परीक्षण का उद्देश्य भूमि की उर्वरता मापना तथा यह पता लगाना है कि उस भूमि में कौन-कौन से तत्वों की कमी है।

वहीं *नवभारत फर्टिलाइजर लि० के कृषि पदाधिकारी शशिकांत कुमार तथा वरिष्ठ पदाधिकारी अजित कुमार* ने बताया कि हमलोगों की जाँच टीम के द्वारा यहाँ चौसा के मनोहरपुर के करीब 20 किसानों के मिट्टी का नमूना एकत्र कर मुफ्त में जाँचकर रिपोर्ट दिया गया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि,” *पी.एच मान*, किसी विलयन की अम्लता या क्षारकता का एक माप है। इसे द्रवीभूत हाइड्रोजन आयणों (H+) की गतिविधि के सह-लघुगणक के रूप में भी परिभाषित किया जाता है।”
जाँच शिविर में मुख्य रूप से अरूण कुमार, रीतेश कुमार उर्फ मन्टू, अशोक यादव, अनुपम ठाकुर, दिनेश शर्मा, राकेश कुमार, उमेश कुमार, सुधीर कुमार, चंदन कुमार यादव आदि किसानों ने भाग लेकर मुफ्त में मिट्टी जाँच करवाया।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More