भूमि अधिग्रहण विधायक के खिलाफ 24 घंटे के उपवास पर बैठे सीएम नीतीश कुमार

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पटना। केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण विधेयक 2015 के खिलाफ जदयू ने बिगुल फूंक दिया है। शनिवार की सुबह 10 बजे से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समर्थकों के साथ जदयू कार्यालय में उपवास पर बैठ गए हैं। जिलों और प्रखंड मुख्यालयों में 12 घंटे का राज्यव्यापी उपवास हो रहा है। सीएम का उपवास रविवार सुबह 10 बजे समाप्त होगा। इस दौरान पार्टी के नेतागण नींबू पानी ग्रहण करेंगे।

जिला व प्रखंड मुख्यालयों में सुबह पांच बजे से शाम बजे तक यह उपवास चलेगा। विधायक व विधान पार्षद अपने-अपने क्षेत्र के प्रखंड मुख्यालयों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पटना स्थित जदयू के प्रदेश कार्यालय समेत कारगिल चौक पर जदयू महानगर के नेता व कार्यकर्ता उपवास पर बैठे हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि उपवास के जरिए भूमि अधिग्रहण विधेयक का विरोध किया जा रहा है। अपनी आवाज को बुलंद करना और देश के जनमानस को जागरूक व जागृत करना है। उपवास का मकसद है कि केंद्र सरकार सजग हो और अपना निर्णय बदले। अगर बिल पर निर्णय बदलता है तो यह जनतांत्रिक जीत होगी। इस विधेयक का विपक्ष के साथ-साथ केंद्र सरकार के दलों ने भी विरोध किया है। यह एक ऐसा सवाल है, जिसने पार्टियों के बैरियर को तोड़ा है। यह विधेयक कुछ घरानों को खुश करने के लिए है। इससे किसानों की जमीन जबरन ले ली जाएगी।

जदयू प्रदेश कार्यालय के हॉल में 30 और परिसर में 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। हॉल में सीएम के साथ प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, सांसद, विधायक व विधान पार्षद बैठे हैं। हॉल में गद्दा और तकिया की व्यवस्था की गई है। परिसर में टेंट लगाया गया है। पंखे और लाइट की समुचित व्यवस्था की गई है। जदयू के चिकित्सा प्रकोष्ठ में डॉक्टर भी मौजूद हैं। वहीं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ में निरगुण की व्यवस्था भी की गई है।

इधर, जदयू द्वारा प्रायोजित उपवास कार्यक्रम का बीजेपी ने पूरजोर विरोध किया है। पार्टी के नेताओं ने नीतीश कुमार के उपवास को नौटंकी बताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि अगले छह महीने तक नीतीश की नौटंकी जारी रहेगी।

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