
धनबाद।
कोयलांचल की लाइफ लाइन धनबाद-चन्द्रपुरा (डीसी) लाइन पर ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित तरीके से करने के लिए दिल्ली में मंथन शुरु हो गया है। रेल मंत्रालय भी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। रेल मंत्रालय शीघ्र ही एक सर्वे टीम को भेजकर डीसी लाइन की जांच कराएगा। साथ ही टीम ऑन स्पॉट लोगों का सहयोग और उनका सुझाव भी लेगी। उक्त बातें सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
सांसद ने कहा कि 1996 में पहली बार डीसी लाइन के नीचे भूमिगत आग को लेकर खतरे की घंटी की बजी थी। तब लगभग 9 किमी क्षेत्र में आग का प्रभाव था। लेकिन वर्तमान में आग 2-3 किमी क्षेत्र में है। डीसी लाइन के दो स्थान पर भूमिगत आग है। अब सर्वे टीम इसकी जांच कर डीसी लाइन पर कहां से रूट बदलकर और ट्रेनों को कैसे सुरक्षित चलाया जा सकता है, इसकी रिपोर्ट सौंपेगी। सांसद ने कहा कि इस मुद्दे पर रेल मंत्री से विचार विमर्श हुआ है और मंत्री के निर्देश के बाद रेल मंत्रालय में हलचल प्रारंभ हो चुकी है।
इससे पूर्व सांसद ने 26 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा को लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा लोगों की आवाज को बंद करने तथा राजनीतिक सुरक्षा को लेकर आपातकाल लगाया गया था। कांग्रेस पर प्रहार करते हुए सांसद ने कहा कि भ्रष्टाचार, महंगाई तथा तानाशाही के विरुद्ध उठ रहे जनाक्रोश को कुचलने के लिए कांग्रेस ने आपातकाल लगाया था। उन्होंने कहा कि भारत जनतांत्रिक देश है। आपातकाल की स्थिति पैदा करने वालों का विरोध करें।
पत्रकार वार्ता में धनबाद विधायक राज सिन्हा, सिन्दरी विधायक फूलचंद मंडल, बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो, भाजपा जिला अध्यक्ष चन्द्रशेखर सिंह, प्रदेश महामंत्री डॉ. सरिता श्रीवास्तव, मिल्टन पार्थ सारथि निटीनवभट, मानस प्रशुन, सहित पार्टी के अन्य लोग उपस्थित थे।


