जमशेदपुर-सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का चुनाव का 22 को

32

 

वर्तमान टीम और दावेदार टीमो एक दुसरे पर आरोप प्रत्यारोप जारी   

चैम्बर का पदाधिकारी बनना राजगद्दी नहीं: मुरलीधर केडिया

जमशेदपुर।

सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का चुनाव 22 सितबर को चुनाव 22 सितबंर को होना है।वही वर्तमान टीम के समर्थन कई व्यापारी कर रहे है इस मामले को लेकर  पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर केडिया ने कहा कि चैम्बर का पदाधिकारी बनना राजगद्दी नहीं है. चैम्बर का पद कोई सत्ता नहीं है यह सेवा है. उन्होंने कहा कि परिवर्तन टीम को लगता है कि चैम्बर का पद सत्ता है जिसे किसी तरह से पाया जाए. जुगसलाई स्थित ऋषि भवन में जुगसलाई व्यापारियों की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर केडिया ने कहा कि चैम्बर व्यापारियों की संस्था है. उन्होंने कहा कि पिछले करीब तीन-चार वर्षों से देखा जा रहा है कि चुनाव में भागदौड़ लगी है. पहले ऐसा नहीं होता था. पहले लगता था कि चैम्बर के पदाधिकारी कोई भी व्यक्ति सेवा की भावना से बनना चाहते हैं लेकिन आज माहौल दूसरा हो गया है. लोगों को लगता है चैम्बर का पदाधिकारी पाना राजगद्दी है. उन्होंने कहा कि चैम्बर को व्यापारी के हित में प्रशासन और सरकार से लडऩा होता है. व्यापारी भी समझते हैं कि किसने उनके हित में काम किया है. उन्होंने कहा कि सुरेश सोंथालिया टीम ने काम किया है इसलिए टीम को फिर मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि परिवर्तन टीम की नीयत पर शक है. उनका लक्ष्य सत्ता पाना है. अनिल मोदी ने कहा कि सुरेश सोंथालिया टीम ने बढिय़ा काम किया है. व्यापारियों के हित में पिछले दो वर्षों तक काम किया है इसलिए सुरेश सोंथालिया टीम को चैम्बर में फिर लाना जरूरी है. महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि सुरेश सोंथालिया की टीम ने बढिय़ा काम किया है उन्हें परिवर्तन कह कर उनका उत्साह घटाना गलत है. उन्होंने आदित्यपुर में पुलिस कर्मी विनोद के रवैये से परेशान व्यापारियों की समस्या का समाधान चैम्बर ने किस तरह कराया कैसे आंदोलन किया इसके बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सोंथालिया टीम पर शक की गुंजाइश करना गलत है. उन्होंने कहा कि आलोचना भी जरूरी है लेकिन वह सकारात्मक होनी चाहिए. सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष निर्मल काबरा ने कहा कि चैम्बर का चुनाव अखाड़ा बन चुका है जबकि इसे अखाड़ा का रूप नहीं दिया जाना चाहिए. चैम्बर संस्था है और संस्था के अधिकारी का चुनाव संस्था की तरह होना चाहिए न कि लोकसभा और विधानसभा की तरह होना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे पक्ष और विपक्ष की बात नहीं करते हैं. पूरे देश में चैम्बर का नाम है. इसके गौरव को बनाए रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि मतदाता जागरुक है वे अपनी सोच के साथ मतदान करेंगे. उन्होंने कहा कि कौन अच्छा है या बुरा यह मतदाता जानते हैं.

Local AD

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More