जमशेदपुर-संथाली की तरह झारखंड की अन्य भाषाओ को भी आठवी अनुसूची पर विचार -जुएल ऊऱांव

 

जमशेदपुर।

संथाली की तरह   भी  झारखंड की अन्य भाषाओ को भी आठवी अनुसूची पर डालने का विचार सरकार कर रही है य़े  बाते जमशेदपुर के सोनारी स्थित एयर पोर्ट में केन्द्रीय जनजातीय मंत्री जुएल ऊरांव ने पत्रकारो से बातचीत में कही । वे जमशेदपुर में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुँचे थे।उन्होने कहा कि इनमे से कुडूक,मुंडारी .गांडी ,मुंडा ,हो समेत  कई भाषाओ को शामील है।जिन्हे सरकार जल्द ही आठवी अनुसूची में शामील कर लिया जाएगा।

झारखंड कुर्मी जाति को आदिवासी में शामील करने की मांग को लेकर सवाल के जबाब में मंत्री ने कहा कि  वे इस मामले में .एथपोजिकल सर्वे और रजिस्ट्रार जर्नल  का इंतजार कर रहे ।उसके रिर्पोट के बाद ही कुछ फैसला लिया जा सकता हैं।

सरना धर्म के कोङ के सवाल पर उन्होने कहा कि सरना धर्म को मनाने वाले अलग नही है वे हिंदूं ही है आप उसे  जिस नाम  से पुकारे।आदिवासियों की पूजा पद्धति भी  हिंदु धर्म की तरह हैं। सरना धर्म की रिति रिवाज .पूजा अर्चना सभी हिदुं धर्म की तरह है ।इसलिए इसमें बदलाव का सवाल ही कहां उठता हैं।

उन्होने कहा कि सरकार जनजातिया लोगो को बेहत्तर स्वास्थय और शिक्षा मिले सरकार इसके लिए अलग से व्यवस्था कर रही हैं।

 

 

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