जमशेदपुर व धनबाद के सॉफ्टवेयर टेक्रोलॉजी पार्क का एक साथ हुआ शिलान्यास

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केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया शिलान्यास

एसटीपी की स्थापना से युवाओं को मिलेगा रोजगार: रविशंकर

सरायकेला।

आइटी क्षेत्र के उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर भवन के पीछे श्रीडुंगरी के पास बनने वाले सॉफ्टवेयर टेक्रोलॉजी पार्क (एसटीपीआइ) का आज केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा शिलान्यास किया गया. सॉफ्टवेयर टेक्रलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआइ) की ओर से इस पार्क को तैयार किया जा रहा है. आदित्यपुर के अलावा धनबाद के सॉफ्टवेयर पार्क का भी यहीं से ऑनलाइन शिलान्यास किया गया. इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एसटीपी की स्थापना से युवाओं को रोजगार मिल सकेगा. साथ ही युवा उद्यमियों के लिए आइटी कंपनियां लगाने के लिए एक सुनहरा अवसर भी है. आने वाले समय को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कांसेप्ट को रांची शहर में लागू किया था. इसके आधार पर एसटीपी व बीपीओ की स्थापना की गयी. इसकी शुरूआत झारखंड की राजधानी रांची में पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दी थी. अब जमशेदपुर और धनबाद में एक साथ शुरू होने जा रहा है. इसके बाद देवघर और बोकारो में भी एसटीपी की स्थापना की जायेगा. एक साल के अंदर चारों सॉफ्टवेयर पार्क शुरू हो जाने से झारखंड का कितना विकास होगा. यह कल्पना नहीं किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि एसटीपीआइ का सॉफ्टवेयर निर्यात 45 करोड़ हो गया. वर्ष 2013-14 में 5 करोड़ था, जो 2015-16 में यह बढक़र 45 करोड़ हो गया. अभी तो यह शुरूआत है. श्री प्रसाद ने बताया कि झारखंड के रांची, जमशेदपुर व हजारीबाग में कॉल सेंटर खुले. इसमें मुख्यमंत्री पहल करेें. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि झारखंड आइटी व इलेक्ट्रोनिक्स मैनुफेक्चरिंग क्षेत्र में हब बनें. इएमसी के लिए एप्रूव किया जा चुका है. केंद्र में नरेंद्र मोदी व राज्य में रघुवर दास मिलकर काम कर रही है. झारखंड आगे बढ़े व निरंतर प्रगति की ओर बढ़े.

झारखंड को आइटी क्षेत्र में हब बनायेंगे: रघुवर दास

समारोह में विशिष्टï अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में आ रहे बदलाव से लोगों के जीवन में कितना बदलाव आ रहा है. इसे देख भारत सरकार का बदलाव देश व दुनिया देख रहा है. झारखंड भी तकनीकी से पीछे नहीं है. राज्य में आइटी की आवश्यकता है. बिचौलियों व भ्रष्टïाचार को समाप्त करने के लिए आइटी बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि आइटी हमारी सरकार की प्राथमिकता है. केंद्र व राज्य मिलकर झारखंड को आइटी के क्षेत्र में हब बनायेंगे. उन्होंने कहा कि 45 करोड़ का सॉफ्यवेयर निर्यात को 100 करोड़ तक निर्यात कर सकते हैं. राज्य में इंजीनियर व पढ़-लिखे लोगों को राज्य में आइटी के माध्यम से रोजगार देने का काम करेंगे. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आइटी के क्षेत्र में मदद कर रही है. हम चाहते हैं कि इसमें और मदद करें. उन्होंने कहा कि प्रज्ञा केंद्रों के माध्यम से गांव तक इंटरनेट पहुंचाया जायेगा. 2017 तक हर पंचायत तक तक आइटी पहुंचे. यही हमारी सरकार का लक्ष्य है. इस दिशा में सरकार काम कर रही है.

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