जमशेदपुर पुलिस को मिली सफलता,तीन अपऱाधियो को पकङां.

 

लोको चालक की हत्या का हुआ खुलासा

संवाददाता.जमशेदपुर,26 दिसबंर

कोयले की तस्करी को लेकर हाल के दिनों में आदित्यपुर व जमशेदपुर में हुए विवाद, मारपीट, फायरिंग व हत्या के मामले पर पुलिस ने रोक लगाने का प्रयास किया है. पुलिस ने दो गैंग के बीच चल रही लड़ाई को एक गैंग की अरेस्टिंग के साथ ही रोक दिया है. इस गैंग के द्वारा 15 सितंबर की रात लगभग 8 बजे टाटा स्टील के इम्प्लाई सत्यदेव यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी. अपराधी की गिरफ्तारी के साथ ही इस हत्याकांड की गुत्थी भी सुलझ गई. इन अपराधियों ने केवल दहशत फैलाने व कोयला के कारोबार पर अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी.

 

क्राइम की योजना बनाते पार्वती घाट के पास से तीन गिरफ्तार

एसएसपी अमोल वी होमकर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि 25 दिसंबर की शाम कुछ अपराधी जुगसलाई थाना एरिया स्थित पार्वती घाट के पास किसी बड़े अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. इस सूचना के बाद एक पुलिस टीम का गठन कर उनके पीछे लगाया गया. पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी कर वहां से आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती निवासी अफसर अली व हगडू उर्फ फिरोज उर्फ रसूल अली के अलावा जुगसलाई इस्लामनगर निवासी टिंकू उर्फ आशिक को गिरफ्तार किया है. टिंकू कपाली का रहने वाला है और फिलहाल इस्लामनगर में रह रहा था.

 

इसी गैंग ने की थी सत्यदेव यादव की हत्या

पुलिस ने क्रिमिनल्स के पास से पिस्टल, कारतूस व चाकू भी रिकवर किया है. एसएसपी ने बताया कि टाटा स्टील के इम्प्लाई सत्यदेव यादव की हत्या के बाद पुलिस ने 18 सितंबर को पार्वती घाट के पास से एक अपराधी शहजादा को गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने 25 दिसंबर को जब इन अपराधी को गिऱफ्तार किया तो उनसे हुई पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ कि सत्यदेव यादव हत्याकांड में ये लोग भी शामिल थे. एसएसपी ने बताया कि 2 अपराधी अब भी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहा है.

 

केवल दहशत फैलाने के लिए की गई थी हत्या

एसएसपी ने बताया कि पूरी योजना शहजादा के साले अफसर खान ने बनायी थी. वह पूरी घटना का मास्टरमाइंड और इंटरस्टेट क्रिमिनल हैं. इनके द्वारा सत्यदेव यादव की हत्या कोयला के कारोबार पर वर्चस्व बनाने के साथ ही जुगसलाई थाना एरिया में दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी. अफसर खान ने पुलिस को बताया कि उसने अपने सहयोगी मो. शकील, मो. बड़कू, मो. कादिर, मो. शहजादा, झगड़ू अली व मो बाबू के साथ मिलकर टिंकू उर्फ आशिक के कहने पर इस घटना को अंजाम दिया था.

 

एक बार फिर जुगसलाई में फायरिंग कर दहशत फैलाने की थी योजना

25 दिसंबर को भी ये लोग पार्वती घाट के पास मिटिंग कर क्राइम को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. एसएसपी ने बताया कि इनकी योजना एक बार फिर से जुगसलाई थाना एरिया में फायरिंग कर दहशत फैलाने के साथ ही डकैती की घटना को अंजाम देने की थी.

 

आदित्यपुर में भी घटनाओं को दे चुके हैं अंजाम

पकड़े गए क्रिमिनल्स ने सरायकेला-खरसांवा जिला के आदित्यपुर थाना एरिया में भी दहशत फैला रखी थी. इनके द्वारा आदित्यपुर थाना एरिया में भी फायरिंग व अन्य घटनाओं को अंजाम दिया गया था. इसके बाद जमशेदपुर में भी ये वर्चस्व स्थापित करना चाह रहे थे. इस क्रम में जुगसलाई मकदम में इनके द्वारा हत्या की घटना को अंजाम दिया गया था. इनके खिलाफ चाईबासा, आदित्यपुर, चांडिल व मानगो थाना में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.

 

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