जमशेदपुर -पुलिस की नौकरी जनसेवा का सबसे बेहतरीन माध्यम –संदीप गुप्ता

 

अमीत मिश्रा

जमशेदपुर।

डीएसपी संदीप गुप्ता का मानना  है कि पुलिस की नौकरी जनसेवा का सबसे बेहतरीन माध्यम है । वे कहते है कि इसके द्वारा निर्बल और न्याय के जरुरतमंदो की मदद कर समाज में सांमजस्य स्थापित करने का मौका मिलता हैं।मुलरुप से जामताङा जिले के निवासी  संदीप गुप्ता एक मध्यमवर्गीय परिवार  से तालुकात रखते हैं।

स्वभाव से शांत  एवं मृदभाषी संदीप ने बी जे एन एन के वरीय संवाददाता अमीत मिश्रा के साथ खास बातचीत की।

सवाल—सिविल सेवा के प्रति रुझान कैसे आया ?

जबाब—स्कूल के प्रारम्भिक दिनो में मै समान्य दर्जे का छात्र था. बात उन दिनो की है जब मै कक्षा 6 में था हमारे स्कूल मे गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले के एसडीओ मुख्य अतिथि बन कर आए थे .उनका स्वागत और सम्मान देख सिविल सेवा ने मुझे आर्कषित किया।

संदीप ने बातचीत के दौरान बताया कि  भाई  बहनो में सबसे बङे होने की वजह से मुझ पर समय से नौकरी या रोजगार पाने का दबाब भी था।

इस दौरान 2007 में इतिहास में  स्नात्तकोत्तर करने के दौरान ही संदीप का चयन भारतीय रेलवे में गार्ड के पद पर हो गया ।पर सिविल सेवा का आकर्षण अब भी उनके दिल औऱ दिमाग पर छाया हुआ था।मैने अपनी तैयारी जारी रखी और अत 2012 में संदीप का चयन जे पी एस सी के माध्यमसे झाऱखंण्ड  पुलिस सेवा हेतु हो गया।औऱ मै इस परीक्षा में राज्य भऱ में दुसरा स्थान प्राप्त किया था।

सवाल—पुलिस रिफार्म के विषय पर आपका नजरिया क्या हैं।

जबाब—ये एक ऐसा विषय है जो वक्त की मांग है अब तो समय आ गया है।जब सरकार तो इस विषय पर गंभीरता से विचार करना होगा।कि 150 साल पुराना पुलिस मैन्यूल कितना कारगार हैं।जैसा कि हम सब लोग जानते है क्राईम  और क्रिमिनल्स अब आई टी सेक्टर का किस कदर दुरपयोग कर रहे हैं।पुलिस को  अब  हाईटेक करने का वक्त आगया हैं।

सवाल—नक्सल समस्या को आप किस रुप में देखते हैं।

जबाब—नक्सलवाद एक समाजिक समस्या  है ।जिसको बंदुक के  दम पर खत्म नही किया जा सकता हैं।इस समस्या खा निराकऱण समाजिक स्तर से विकास के द्वारा खत्म किया जा सकता हैं.जिस दिन समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँच जाएगा उस दिन नक्सलवाद स्वत ही समाप्त हो जाएगा।

गौरतलब है कि संदीप गुप्ता फिलहाल जमशेदपुर में प्रशिक्षु डी एस पी का योगदान दे रहे हैं।

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