
◆ बैंकों द्वारा सिक्के न जमा लेने के मुद्दे पर भाजपा जिला प्रवक्ता अंकित आनंद ने जिला उपायुक्त से की हस्तक्षेप की मांग


जमशेदपुर।
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मान्यता प्राप्त शहर के कई सरकारी और निज़ी बैंकों में ग्राहकों और कारोबारियों से सिक्के न जमा लिए जाने के मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा जिला मीडिया प्रवक्ता अंकित आनंद ने इस मामले में जिला उपायुक्त अमित कुमार से हस्तक्षेप करने की माँग की। मंगलवार को उपायुक्त को लिखे पत्र में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बैंको द्वारा मनमानी करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशों की अवमानना की जा रही है। कहा कि बैंक से खाता धारकों को सिक्के तो भुगतान किए जा रहे हैं, किंतु बदलें में सिक्के जमा करने बैंक पहुंचने वालों को काउंटर से निराश होकर लौटना पड़ रहा। बैंककर्मी द्वारा इसके पीछे सिक्कों का वजन और गिनने में असुविधा बताया जा रहा। समस्या यहीं तक सीमित नहीं है। काम आसान बनाने वाला सिक्का अब सभी के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। दीपावली पर जिस लक्ष्मी रूपी मुद्रा को हिन्दू मान्यताओं के अनुसार हम पूजते हैं, उनकी स्वीकार्यता पर प्रश्नचिन्ह लगाते बैंकों द्वारा इस अघोषित प्रतिबंध से समूचे बाज़ार में असुविधा का माहौल है। इस उबाऊ और झंझट के भय से अब बाज़ार में भी लोग सिक्कें स्वीकार करने से डर रहे हैं। इस अव्यवस्था के कारण लोग सिक्का लेकर बैंक से बाजार और बाजार से बैंक तक भागदौड़ करने को विवश हैं। भाजपा नेता अंकित आनंद ने आगे कहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के मुताबिक भारतीय मुद्राओं के सिक्के नहीं लेने पर सजा का प्रावधान है। बावजूद इसके बैंक कर्मचारी आदेश की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने दीपावली और छठ महापर्व पर श्रद्धालुओं को इस असुविधा से निजात दिलाने की दिशा में विभागीय अपील जारी करने तथा बैंकों और बाज़ार के दुकानों का औचक निरीक्षक करने का आग्रह किया है।

