
डीजे मे प्रतिबंधित गाने बजाने पर कार्रवाई होगी-उपायुक्त


जमशेदपुर।
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आज SNTI बिस्टुपुर स्थित सभागार में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अमित कुमार ने कहा कि यह बैठक जिला प्रशासन और पुलिस का शांति समिति के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का मंच है, जिसमें आप सभी अपने क्षेत्र के तमाम मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। किसी प्रकार की गोपनीय जानकारी को भी साझा किया जा सकता है। समस्याओं की तरफ उठाई गई आपकी आवाज़ पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। सभी लोग पर्व त्यौहार एक दूसरे के साथ मिलजुल कर मनायें। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य है कि कैसे बेहतर तरीके से आने वाले सप्ताह में तीज त्योहारों को व्यवस्था पूर्वक और समन्वित रूप से मनाने के लिए प्रयास कर सकते हैं। शांति समिति के प्रतिनिधियों के सामाजिक प्रभाव के आधार पर बेहतर समन्वय के साथ अधिक व्यवस्था पूर्वक कार्यों का संपादन किया जा सकता है। उपायुक्त ने कहा कि राम नवमी के अवसर पर जुलूस निकालने वाले सभी अखाड़ों के लाइसेंस निर्गत किए जाएं। यह लाइसेंस सशर्त होंगे ताकि अखाड़े की जिम्मेवारी तय की जा सके। डीजे के संचालकों को इस संबंध में नोटिस दिया जाएगा कि प्रतिबंधित गाने बजाने पर उन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। डीजे संचालकों पर विभिन्न थाना स्तरों पर इस संबंध में कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित करने का निर्देश उपायुक्त ने दिया। घाटों पर निरंतर सफाई कराने के लिए जुस्को, जेएनएसी, जुगसलाई तथा मानगो नोटिफाइड एरिया के विशेष पदाधिकारी को निर्देशित किया गया। श्री अमित कुमार ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बस्ती क्षेत्र में भी स्ट्रीट लाइट लगाई जाए। जिन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट नहीं जल रही हैं वहां पर संबंधित एजेंसी के साथ संपर्क करके इन को अविलंब सुधारा जाए। सभी मामलों पर संज्ञान लेकर पूरी तत्परता के साथ कार्य करने का निर्देश उपायुक्त ने दिया। उपायुक्त ने कहा कि तात्कालिक स्वभाव की समस्याओं पर निश्चित रूप से त्वरित कार्रवाई सात दिनों के अंदर सुनिश्चित की जाए।
बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने अपनी समस्याओं और सुझावों को पुलिस और प्रशासन के समक्ष रखा। उपायुक्त श्री अमित कुमार ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि संज्ञान में लाए गए सभी मुद्दों पर विचार और समीक्षा की जाएगी और उनके निपटारे के लिए जो भी सार्थक प्रयास हो सकते हैं वह भी निश्चित रूप से किए जाएंगे।
उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षक एवं थाना प्रभारियों तथा पुलिस बल को अपना सर्वोत्तम निष्पादन करने का निर्देश दिया, तथा अपनी साख का बेहतर उपयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि अपनी साख का उपयोग करने का यह सबसे बेहतर समय है। समन्वय बनाए रखें। ग्रामीण क्षेत्रों में मुखिया पंचायत प्रतिनिधियों एवं वार्ड सदस्यों के साथ समन्वय बनाकर सूचनाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित करें। अपनी साख और सूचना तंत्र को दुरुस्त रखें। हर गांव में सरकारी कर्मचारी हैं उनकी सूची बना लें और थाना प्रभारियों के साथ इसको साझा करें। ताकि समय पर सूचना साझा हो सकें। सूचनाओं का आदान-प्रदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उपायुक्त ने शराब बिक्री पर निगरानी रखने, बिजली के तारों को दुरुस्त करने, पानी आपूर्ति सुनिश्चित करने और सड़क मरम्मति से संबंधित निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को देते हुए उनकी जिम्मेदारियां तय कीं।
बैठक में उपस्थित राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कल्याणी शरण ने कहा की पर्व त्यौहार के अवसर पर सभी लोग संयम से रहें। अफवाह ना फैलाएं। आपस में समन्वय बनाए रखें तथा प्रशासन के साथ सहयोग करके किसी भी अप्रिय सूचना को तुरंत साझा करें। जुलूस निकालने के अवसर पर आपस में प्रतिस्पर्धा ना करें बल्कि हर्षोल्लास के साथ आनंदपूर्वक त्योहार मनाएं।
बैठक को संबोधित करते हुए जिले के वरीय आरक्षी अधीक्षक श्री अनूप बिरथरे ने कहा कि दुनिया की किसी भी समस्या का समाधान मारपीट से संभव नहीं है। इस देश का कानून और संविधान ऐसा है कि जो भी समस्या सामने आती है उस से निपटा जाएगा। सामाजिक समरसता को भंग करने वाले और विधि व्यवस्था को बाधित करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान हो जाने पर उनके विरुद्ध सख्त कारवाई की जाती है। शांति समिति के सदस्यों से उन्होंने अपील की कि यह बात सभी के बीच प्रचारित करें खासतौर से युवाओं को समझाएं कि एक बार चिन्हित हो जाने पर भविष्य में पासपोर्ट बनाने, किसी भी प्रकार की नौकरी हेतु अथवा लाइसेंस के लिए या फिर संवेदक के लिए आवेदन करने पर चरित्र सत्यापन नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि आपस में झगड़ने से फायदा नहीं है। सूचनाओं का त्वरित आदान प्रदान करें। ग्रामीण क्षेत्रों में मुखिया वार्ड मेंबर तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ संपर्क बना कर काम करें जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में अप्रिय स्थिति को त्वरित रुप से संभाले रखने में सहायता मिले। उन्होंने कहा कि आपसी मारपीट स्वाभाविक है लेकिन उसे किसी प्रकार का दूसरा रंग ना दें। बातों से चीजों को सुलझाया जाये। व्हाट्स एप ग्रुप अथवा अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहों को ना फैलाएं। ऐसा करने पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए जाएंगे। सोशल मीडिया में प्रेषित किए गए नकारात्मक सन्देश और अफवाह फैलाने वाले संदेश साक्ष्य के तौर पर रह जाते हैं और आप इन्हें नष्ट भी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि चैत्र मास पवित्र मास है। मर्यादा का अनुपालन करें। अभिभावक स्वयं अपने बच्चों को, युवाओं को समझाएं। वे युवाओं पर नियंत्रण क्यों नहीं कर पाते हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है। शराब का सेवन ना करें, यातायात के नियमों का पालन करें और ऐसा माहौल बनाएं जिससे कि बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की भी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर प्रभात कुमार, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा, एडीएम विधि व्यवस्था सुबोध कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूमगढ़ सुश्री माधवी मिश्रा, जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक, संबंधित पदाधिकारी गण, पुलिस पदाधिकारी गण, जिला शांति समिति के सदस्यगण उपस्थित थे

