
इंदौर नगर निगम और जेएनएसी दोनों को 1200 में से 1189 अंक मिले
जमशेदपुर। जमशेदपुर शहर के लोगों के लिए गौरवान्वित होने वाली बात है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में कार्वी की सर्वे टीम ने जेएनएसी को अपने प्रत्यक्ष ऑब्जरवेशन में सर्वोच्च स्थान पाए इंदौर नगर निगम के बराबर अंक दिए हैं। इंदौर और जमशेदपुर दोनों को सर्वे टीम ने अपने डायरेक्ट ऑब्जरवेशन में 1200 के पूर्णांक में 1189 अंक दिए हैं । यानि जब उन्होंने 20 दिन तक जमशेदपुर शहर का गली गली कोना कोना घूमकर देखा और फोटो अपलोड कर दिल्ली और हैदराबाद भेजे तो कार्वी की मूल्यांकन टीम ने इसे इंदौर के बराबर 1189 अंक दिए, यानि जमशेदपुर को देश के स्वच्छ्तम शहर के बराबर के दर्जे का माना । टीम ने 1200 में से सिर्फ 11 अंक ही कम किये यानि 99 प्रतिशत से अधिक अंक दिए।
दरदसल सर्वेक्षण तीन भागो में बटा हुआ था पहला भाग स्वच्छता को लेकर निकाय द्वारा दस्तावेजी दावा (पूर्णांक 1400 अंक), दूसरा भाग नागरिकों की प्रतिक्रिया ( पूर्णांक 1400 ), तीसरा भाग सर्वे टीम द्वारा शहर आकर साफ सफाई का वास्तविक भौतिक मूल्यांकन / डायरेक्ट ऑब्जरवेशन ( पूर्णांक 1200) . आखिरी भाग थर्ड पार्टी सर्वे था जो सर्वेक्षण टीम को खुद शहर आकर करना था। इस भाग के मूल्यांकन हेतु कार्वी की टीम ने जमशेदपुर में लगभग 20 दिन रहकर अलग अलग क्षेत्रों और पहलुओं की जाँच की । शहर की स्वच्छता और सुंदरता से टीम बहुत प्रभावित हुई जिसका प्रमाण इस बात से लगता है कि उसने जमशेदपुर को इंदौर के समान अंक दिए।
टॉप 5 के लिए दावेदार था जमशेदपुर, कहाँ रह गयी कमी
सर्वे टीम ने जमशेदपुर को प्रत्यक्षतः देखकर स्वच्छ्तम शहर माना फिर भी टॉप 5 में स्थान बनाने से जमशेदपुर चूक गया। इसके पीछे प्रमुख कारण यह रहा कि जमशेदपुर अक्षेस के दस्तावेजी दावे कम रह गए। जिसके चलते दस्तावेजों में 1400 के पूर्णांक में 600 से भी कम अंक मिले। इसलिए अंकों के सम्पूर्ण योग में जेएनएसी पिछड़ गया। दरअसल अक्टूबर में जेएनएसी का प्रभार ग्रहण करने के बाद शहर में स्वच्छता को लेकर मुख्य प्रयास दिसंबर के बाद शुरू हुए। जैसे पतंग उत्सव, स्वच्छता चौकी, उड़नदस्ता, कबाड़ महोत्सव आदि प्रयास दिसंबर के बाद हुए। जबकि सर्वेक्षण का नियम था कि उन्ही दस्तावेजों को लिया जायेगा जो 31 दिसंबर के पूर्व के हैं। किन्तु मानगो में संजय कुमार की अगुवाई में चौपाल, स्वच्छता मतदान, सेल्फी विथ डस्टबिन आदि किये गए प्रयास जुलाई,अगस्त, सितम्बर और अक्टूबर के थे। जिन्हे दस्तावेजी प्रमाण के रूप में सर्वे टीम ने स्वीकार कर लिया। फलस्वरूप मानगो को दस्तावेजों में जेएनएसी से अधिक अंक मिले।

