
जमशेदपुर। शहर की सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व समारोह का दूसरा दिन आज गीत संगीत, मैथिल पकवान, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं तालियो की अनंदमयी ध्वनि के साथ गोपाल मैदान बिस्टुपुर मे सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम मे मुख्य मंच का उदघाटन श्री बिपिन मिश्रा एवं अर्जुन मिश्रा के शंखनाद एवं स्रोतरतनवाली द्वारा एवं कार्यक्रम के उदघाटनकर्ता माननीय सांसद श्री विद्युत वरण महतो के कर कमलों द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम के उदघाटनकर्ता सांसद विद्युत वरण महतो ने अपने सम्बोधन मे आते ही कहा कि “अपने लोकिन के हमर प्रणाम” और कहा कि लग रहा है पूरा मिथिलांचल गोपाल मैदान मे बस गया है। उन्होने कहा कि मैं जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र को मिनी मुंबई मानता हूँ और मैं पूरे भारत को ट्रेन रूट से जोड़ना चाहता हूँ इसी कड़ी मे मैंने होली मे ट्रायल ट्रेन टाटा से दरभंगा के लिए देने का काम किया। क्षेत्रीय संतुलन बनाने के लिए सभी भाषाओ को सम्मान जरूरी है,जब ओडिया और बंगला द्वितया राज्य भाषा की श्रेणी मे आ सकता है तो मैथिली क्यों नहीं और मैं इस बात को जरूर विधान सभा मे अपने साथियों द्वारा पेश करने का काम करूंगा। एवं उन्होने कहा कि यह समय आया है कि महाकवि विद्यापति को प्रतिस्थित सम्मान से नवाजा जाए।

समारोह के तमाम अतिथियों द्वारा समूहिक रूप से मिथिला सांस्कृतिक परिषद के वार्षिक मुखपत्र “सांस्कृतिक” के चौथे अंक एवं संत लक्ष्मीनाथ मैथिल पद संचय का लोकार्पण किया गया। परिषद कई वर्षो से मिथिला विभूति सम्मान से समाज के उन लोग को सम्मानित करती आ रही है जिन्होने विभिन्न क्षेत्रो मे अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर समाज का मान बढ़ाया है। इसी कड़ी मे परिषद के द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र मे श्री प्रेमचन्द्र झा, गायन के क्षेत्र मे श्री मिथिलेश कुमार मिश्र एवं मुक्केबाज़ी मे श्री रौनक मिश्रा को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह,शाल एवं पाग से सम्मानित किया गया।
दो दिवसीय समारोह मे मिथिला सांस्कृतिक परिषद के वैबसाइट लॉंच श्रीमती किरण झा द्वारा किया गया, साथ ही वैबसाइट मे मैथिली डायरेक्ट्री हेतु भरी संख्या मे लोगो ने अपना पंजीकरण कराया। साथ ही इसी वर्ष परिषद की युवा शाखा के पुनर्गठन हेतु युवाओ का पंजीकरण कराया गया। कार्यक्रम के अंत मे धन्यवाद ज्ञापन परिषद के प्रवक्ता श्री राजेश झा ने दिया।

