
चाईबासा। कोल्हान प्रमंडल को भारत से अलग देश बताकर अलग झंडा फहराने की घोषणा करने वाले 85 वर्षीय रिटायर्ड एडिशनल कलेक्टर रामो बिरुवा की अचानक तबियत बिगड़ गई। वहीं, सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में उनकी मौत हो गई।


जेल अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि 85 वर्षीय रामो बिरुवा की साधारण मौत हुई है। रामो की उम्र 85 वर्ष थी और इसी कारण सामान्य बिमारियां थी। 6 जून को मेडिकल बोर्ड गठित कर उनकी शारीरिक जांच हुई थी। मेडिकल बोर्ड के द्वारा बताए अनुसार उनका इलाज किया जा रहा था। 17 जून को 3 बजे के करीब उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। तब उन्हें अस्पताल ले जाया गया और डॉक्टरों ने इलाज किया। रामो बिरुवा के ठीक होने के बाद उन्हें घर लाया गया। वहीं, गुरूवार की सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने के क्रम में उनकी मौत हो गई। बता दें कि 1 जून को एसपी मयूर पटेल कन्हैयालाल को रामो बिरुवा के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद मुख्यालय डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया और रामो बिरुवा की गिरफ्तारी चाईबासा शहर के एसपीजी मिशन कंपाउंड से हुई थी।कोल्हान को अलग देश का दर्जा देने की मांग करने वाले रामो बिरुवा पर राजद्रोहका केस दर्ज हो गया था। जिसके बाद रामो बिरूवा भूमिगत हो गया था। वह चिट्ठी के माध्यम से लगातार अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रख रहा था। राजद्रोह के केस में भूमिगत होने के बाद भी उसने अपनी मांग को जायज ठहराया था और इसके लिए उसने पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखा था, जिसमें, उसने दावा किया था कि अगर उसकी मांग गलत साबित हुई, तो वह प्रशासन को 15 अरब रुपये देगा। इसके अलावा कई अन्य पत्र भी उसने डीसी को लिखे थे ।

